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जालसाजी का पंचायत मॉडल! : जलोदिया पंथ ग्राम पंचायत में कथित फर्जीवाड़ा, दस्तावेजों से लेकर पंचनामों तक संदेह के घेरे में

Ajay Jain Reporter

Sun, Dec 21, 2025

देपालपुर। ग्राम पंचायत जलोदियापंथ एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत स्तर पर फर्जी कागजात, कूटरचित प्रतिवेदन और संदिग्ध पंचनामों के माध्यम से शासकीय रिकॉर्ड में हेरफेर किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण की शिकायत उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है, जिसकी गूंज प्रधानमंत्री कार्यालय तक होने की चर्चा है। इसके बाद से प्रशासनिक गलियारों में खलबली मची हुई है। सूत्रों का कहना है कि कथित फर्जीवाड़े में ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव के साथ-साथ जनपद एवं जिला पंचायत से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। इसके अलावा कुछ ग्रामीणों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिन पर कथित तौर पर दस्तावेजी प्रक्रिया में सहयोग करने या पंचनामों की पुष्टि कराने के आरोप हैं। जिला मुख्यालय पर इस पूरे मामले को लेकर फाइलें खंगाली जा रही हैं और पुराने रिकॉर्ड का वर्तमान दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है।

कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। विधि विशेषज्ञों के अनुसार शासकीय अभिलेखों में कूटरचना, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे आरोप भारतीय न्याय संहिता तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है।

यह भी कोई नई बात नहीं है कि ग्राम पंचायत जलोदियापंथ का नाम इससे पहले भी गबन, भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और फर्जी लेटर पैड के मामलों में सामने आ चुका है। पूर्व में भी पंचायत स्तर पर प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदनों और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठते रहे हैं और कई बार प्रशासनिक जांच भी हो चुकी है। हालांकि, इस बार मामला अधिक व्यापक और संगठित बताया जा रहा है, जिससे शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पूरा प्रशासनिक अमला सतर्क नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे इसमें और नामों के सामने आने की संभावना है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच का निष्कर्ष क्या निकलता है और कथित फर्जीवाड़े में किन-किन पर दंडात्मक कार्रवाई की गाज गिरती है।

संलग्न फोटो:- कार्यालय ग्राम पंचायत जलोदिया पंथ

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