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आधार लिंक वेतन प्रणाली लागू : देपालपुर में डीवीडी अनिवार्यता से स्वास्थ्य विभाग में मची हलचल, तकनीकी संक्रमण के बीच व्यवस्थागत चुनौतियां उजागर

SANDEEP SEN Editor

Mon, Mar 23, 2026

देपालपुर। स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने वेतन वितरण प्रणाली में बड़ा तकनीकी परिवर्तन लागू किया है। 1 अप्रैल से सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों का वेतन केवल आधार से लिंक बैंक खातों में ही ट्रांसफर किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत डीवीडी (डिजिटल वेरिफिकेशन ड्राइव) प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी की पहचान और बैंकिंग विवरण का डिजिटल प्रमाणीकरण सुनिश्चित हो सके। इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन के दौरान सोमवार को देपालपुर विकासखंड मुख्यालय पर अचानक बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं के पहुंचने से अव्यवस्था की स्थिति बन गई। विभाग द्वारा पूर्व में सेक्टरवार डीवीडी प्रक्रिया कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन समुचित समन्वय के अभाव में सभी हितग्राही एक साथ पहुंच गए। परिणामस्वरूप तकनीकी संसाधनों पर दबाव बढ़ गया। एक ऑपरेटर के अवकाश पर होने के कारण स्थिति और जटिल हो गई, हालांकि बीपीएम दिनेश पाटीदार ने मौके की गंभीरता को समझते हुए स्वयं डीवीडी प्रक्रिया को संभाला और कार्य को गति प्रदान की। तकनीकी दृष्टि से यह पूरी प्रक्रिया ई-गवर्नेंस मॉडल का हिस्सा है, जिसमें आधार प्रमाणीकरण, बैंक खाते की सीडिंग, और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट जैसे चरण शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य डुप्लीकेट या फर्जी भुगतान को रोकना, वेतन वितरण में पारदर्शिता लाना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली को प्रभावी बनाना है। देपालपुर विकासखंड में स्वास्थ्य विभाग के कुल 338 कर्मियों—जिनमें 234 आशा कार्यकर्ता, 13 आशा सुपरवाइजर, 35 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, 48 एएनएम एवं 8 मेडिकल अधिकारी शामिल हैं—का वेतन अब डीवीडी प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात ही जारी किया जाएगा। विशेष रूप से संविदा एवं अस्थायी कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया और भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि उनके भुगतान को पूर्णतः डिजिटल सत्यापन से जोड़ा गया है। हालांकि, इस तकनीकी बदलाव ने जहां एक ओर सिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं प्रारंभिक स्तर पर संसाधनों की कमी, मानवबल का अभाव और समन्वय की कमी जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। यदि इन व्यवस्थागत खामियों को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो यह प्रक्रिया कर्मचारियों के लिए असुविधा का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय को डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए ग्राउंड लेवल पर बेहतर प्रबंधन, तकनीकी संसाधनों का विस्तार और स्पष्ट दिशा-निर्देशों की आवश्यकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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