मिट्टी बोलेगी तो फसल मुस्कुराएगी ! : छात्रों ने जाना खेती का असली विज्ञान, किताबों से बाहर निकली सीख
admin
Thu, Dec 18, 2025
देपालपुर। व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अटाहेड़ा (देपालपुर) के छात्रों ने औद्योगिक भ्रमण के दौरान मृदा परीक्षण केंद्र का शैक्षणिक दौरा किया। यह भ्रमण छात्रों के लिए केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि खेती के वैज्ञानिक और प्राकृतिक रहस्यों को करीब से समझने का अवसर बना।
कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी श्री मोहन अलावा ने छात्रों को जैविक खेती की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार जैविक विधियों से भूमि की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है और मिट्टी को दीर्घकाल तक स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने जीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य जैविक खादों के निर्माण की प्रक्रिया समझाई तथा रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर प्राकृतिक तरीकों से कीट एवं रोग नियंत्रण, साथ ही फसल चक्र अपनाने के लाभों पर प्रकाश डाला।
मृदा प्रयोगशाला के टेक्नीशियन अधिकारी श्री रमेश सोलंकी ने मृदा परीक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इससे फसल उत्पादन में वृद्धि, उर्वरक लागत में कमी और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार संभव है। उन्होंने समझाया कि मृदा परीक्षण से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या अधिकता, पीएच स्तर का संतुलन तथा परिशुद्ध खेती को बढ़ावा मिलता है, जिससे किसानों को सही प्रबंधन निर्णय लेने में मदद मिलती है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों की भी जानकारी दी गई।
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती दीपाली सोनी ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें प्रकृति से जोड़ते हैं और भविष्य के लिए एक जिम्मेदार व टिकाऊ कृषि प्रणाली का हिस्सा बनने के लिए तैयार करते हैं।
इस भ्रमण को सफल बनाने में भ्रमण प्रभारी श्री राजदीप जादौन तथा व्यावसायिक शिक्षक श्री दिलीप पटेल एवं श्री दिनेश चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फोटो— मृदा परीक्षण केंद्र में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकगण
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