हम शस्त्र ओर शास्त्र दोनों को पूजने वाले लोग : बेटमा में गूंजा हिंदुत्व का शंखनाद: 'जो राम का है, वो मेरा है' के उद्घोष से गुंजायमान हुआ आकाश
Sun, Jan 18, 2026
बेटमा। धर्म, संस्कृति और शौर्य के अद्भुत संगम के साथ बेटमा में 'विराट हिंदू सम्मेलन' सानंद रविवार को स्थानीय बियाणी गार्डन संपन्न हुआ । इस भव्य आयोजन में जहां एक ओर संतों का आशीर्वाद बरसा, वहीं दूसरी ओर युवाओं ने मलखंब पर हैरतअंगेज प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह की दाद बटोरी वही बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समाज को एकता का संदेश दिया।
राम को मानने वाला हर व्यक्ति मेरा भाई हैं, राम ने मर्यादा सिखाई है, समरसता को जिया है, कुटुंब का प्रबोधन किया हैं, एक आदर्श प्रस्तुत किया है जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारे जीवन मे राम ही राम बसे हैं उक्त विचार संघ शताब्दी के अवसर पर देशभर में हो रहे हिंदू सम्मेलन को लेकर बेटमा में रविवार को स्थानीय बियाणी गार्डन में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ भारती के चित्र पर माल्यार्पण, शस्त्र एवं शास्त्र के पूजन एवं गौमाता के पूजन साथ प्रारंभ हुई। छात्रावास की बालिकाओं द्वारा भगवान श्रीगणेश की सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। इसके उपरांत गमेश मलखंब द्वारा हनुमान चालीसा पर साहसिक करतब दिखाते हुए एक से बढ़कर एक उम्दा प्रदर्शन किया गया।कार्यक्रम में जैन संत मुनि श्रीउत्तम रत्न सागर जी महाराज ने युवाओ को प्रेरणादायक उद्धबोधन दिया। उन्होंने कहा कि क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं। क्रोध में लोग अपना बहुत कुछ गवां देते हैं और पश्चात के कुछ नही बचता। उन्होंने कहा कि सच्चा रिश्ता स्वार्थ से नही संस्कारो से होता हैं जो राम को मानता हैं वो मेरा हैं जिसके हाथ मे त्याग का प्रतीक भगवा है वो मेरा हैं। सन्यासी अघोरी बाबा ने लव जिहाद से अपनी बेटियों को बचाने के लिए अभिभावकों को भी सतर्क रहने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हम शास्त्र को भी पूजते है और शस्त्र को भी चलाना जानते हैं कोई भी विधर्मी सनातन का बाल बांका नही कर सकता। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जिला सह संघचालक मोहन जोशी ने संघ के शताब्दी वर्ष के बारे में बताते हुए संघ के पंच प्राण सामाजिक समरसता, कुटुंब, पर्यावरण, नागरिक अनुशासन व स्वदेशी पर अपने विचार रखें। कार्यक्रम में हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति संयोजक दिनेश गर्ग, माया खंडेलवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र पंचोली ने किया। आभार रवि यादव ने माना।
700 से अधिक पहलवान मैदान में : देपालपुर में तीन दिवसीय मध्य प्रदेश केसरी कुश्ती स्पर्धा का भव्य आगाज़
Sat, Jan 10, 2026
देपालपुर। नगर में पारंपरिक भारतीय खेल संस्कृति को सशक्त मंच देते हुए मध्य प्रदेश केसरी कुश्ती स्पर्धा का भव्य आयोजन शनिवार 10 जनवरी से प्रारंभ हो गया है, जो सोमवार 12 जनवरी तक चलेगा। यह तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कुश्ती महोत्सव देपालपुर नगर के इंदौर रोड स्थित श्री जगदीश पटेल वेयरहाउस के समीप आयोजित किया जा रहा है, जहां प्रदेशभर से आए पहलवानों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। इस प्रतिष्ठित कुश्ती स्पर्धा में 700 से अधिक पहलवान भाग ले रहे हैं, जो विभिन्न भार वर्गों में अपनी शारीरिक क्षमता, तकनीक और परंपरागत दांव-पेंच का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता को पूरी तरह तकनीकी नियमों, पारदर्शी व्यवस्था और खेल भावना के अनुरूप संचालित किया जा रहा है।
विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार
प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए आयोजकों द्वारा विजेता पहलवानों हेतु आकर्षक पुरस्कार घोषित किए गए हैं। प्रथम विजेता को गधा एवं ₹51,000 नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जो इस स्पर्धा की विशिष्ट पहचान बन गया है। इसके अतिरिक्त अन्य विजेताओं एवं उपविजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
जबरेश्वर सेना द्वारा आयोजन, राजेंद्र चौधरी की अहम भूमिका
इस विशाल आयोजन का संचालन जबरेश्वर सेना द्वारा किया जा रहा है। आयोजन के संरक्षक राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गई हैं। खेल मैदान, पहलवानों की सुविधा, दर्शकों की बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा एवं अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
शुभारंभ दिवस पर विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
शनिवार को आयोजित शुभारंभ समारोह में डिजियाना समूह के चीफ एडिटर डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुश्ती न केवल एक खेल है, बल्कि भारतीय संस्कृति, अनुशासन और आत्मबल का प्रतीक है। उन्होंने इस आयोजन को ग्रामीण एवं युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।
मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बड़े भाई एवं मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष श्री नारायण यादव की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। जबरेश्वर सेना के संरक्षक राजेंद्र चौधरी द्वारा उनका पुष्पगुच्छ एवं सम्मान के साथ स्वागत किया गया। श्री यादव ने स्वयं अखाड़े में उतरकर प्रतिभागी पहलवानों की कुश्ती छुड़वाकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया और पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
कुश्ती प्रेमियों में उत्साह, क्षेत्र में खेल माहौल
मध्य प्रदेश केसरी कुश्ती स्पर्धा को लेकर देपालपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में कुश्ती प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में दर्शक अखाड़े तक पहुंच रहे हैं। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच दे रहा है, बल्कि देपालपुर को राज्य स्तरीय खेल केंद्र के रूप में भी पहचान दिला रहा है। आयोजकों ने विश्वास जताया है कि आगामी दो दिनों में मुकाबले और अधिक रोमांचक होंगे तथा यह प्रतियोगिता प्रदेश में कुश्ती खेल को नई दिशा प्रदान करेगी।